विदेशी बाजारों में तेजी के रुख तथा देश में शादी-विवाह तथा जाड़े के मौसम में हल्के खाद्य तेलों की मांग बढऩे के कारण देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें लाभ के साथ बंद हुईं। महंगा होने के कारण मांग प्रभावित होने से मूंगफली तेल-तिलहन के साथ बाकी के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि जाड़े के मौसम में हल्के तेलों की मांग बढऩे, शादी विवाह के मौसम और विदेशी बाजारों में तेजी का रुख होने से सरसों और सोयाबीन जैसे हल्के तेलों की मांग है जिससे इनके भाव लाभ के साथ बंद हुए। विदेशी बाजारों में पॉल्ट्री कंपनियों की सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की मांग बढऩे से सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव भी सुधार के साथ बंद हुए। उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.42 प्रतिशत की तेजी है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में 1.3 प्रतिशत की तेजी रही।
उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में तेजी होने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेलों के भाव लाभ के साथ बंद हुए। इसी तरह शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी की वजह से सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार आया। सरसों की खुदरा कारोबारियों की मांग बढऩे के बीच सलोनी शम्साबाद में सरसों का भाव 9,200 रुपये से बढ़ाकर 9,250 रुपये क्विंटल कर दिया गया जिससे बाकी स्थानों पर भी सरसों तेल-तिलहनों के भाव मजबूत हो गये।
सूत्रों ने कहा कि जाड़े तथा शादी विवाह के मौसम में सरसों की मांग बढ़ रही है और इसकी उपलब्धता कम हो रही है।उन्होंने कहा कि मूंगफली तेल के महंगा होने और मंडियों में नयी फसल की आवक बढऩे से बिनौला तेल की मांग बढ़ी है जिससे इसकी कीमतों में सुधार आया। वहीं महंगा होने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। बाकी तेल-तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे।
0 टिप्पणियाँ