अगले तीन दिनों में खराब हो सकती है दिल्ली-एनसीआर की हवा 0-तापमान में भी होगी गिरावट


दिल्ली में ओवरऑल वायु गुणवत्ता बुधवार को 'मध्यमÓ श्रेणी में रही. वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (स््रस्न्रक्र) के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोत्तरी के कारण अगले तीन दिनों में इसके 'खराबÓ श्रेणी में पहुंचने की संभावना है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 195 रहा।

हालांकि, आनंद विहार, चांदनी चौक और जहांगीरपुरी सहित दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता 'खराबÓ श्रेणी में दर्ज की गई. इन इलाकों में एक्यूआई क्रमश: 263, 242 और 257 दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, आईटीओ और आईजीआई हवाईअड्डा पर एक्यूआई 175 और 166 के साथ 'मध्यमÓ श्रेणी में रहा।

दिल्ली में पीएम 2.5 और पीएम10 की कंसंट्रेशन क्रमश: 66 और 139 रिकॉर्ड की गयी जोकि 'मध्यमÓ श्रेणी में आती है. 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छाÓ, 51 और 100 के बीच एक्यूआई को 'संतोषजनकÓ, 101 और 200 के बीच 'मध्यमÓ, 201 और 300 के बीच 'खराबÓ, 301 और 400 के बीच 'बहुत खराबÓ, 401 और 500 के बीच एक्यूआई को 'गंभीरÓ यानी 'खतरनाकÓ श्रेणी में माना जाता है।

सफर के बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली का एक्यूआई मध्यम श्रेणी में है. अगले 3 दिनों में उत्तर भारत (अपविंड क्षेत्र) में शुष्क मौसम के कारण पराली जलाने की घटनाएं बढऩे की उम्मीद है, जिसके कारण पीएम2.5 के बढऩे की संभावना है। 

सूखे की स्थिति में पीएम10 की बढ़ोत्तरी होती है। इस तरह अगले 3 दिनों के लिए समग्र एक्यूआई के मध्यम से खराब श्रेणी में आने की संभावना है. उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में फायर काउंट की गिनती 348 है और पीएम2.5 में इसकी हिस्सेदारी 8 प्रतिशत है क्योंकि पश्चिमी हवाएं आंशिक रूप से अनुकूल हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली में आसमान साफ था और न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार को आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने कहा था कि दिल्ली में तापमान 15 डिग्री तक नीचे आ जाएगा। एक्यूआई 28 अक्टूबर तक मध्यम से संतोषजनक रहेगा।

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